गायक: उदित नारायण और श्रेया घोषाल
संगीत: अजय अतुल
गीत: अमिताभ भट्टाचार्य
गीत के बोल:
जबसे हुआ तेरे नजदीक है
दिल के मोहल्ले में सब ठीक है
जबसे हुआ तेरे नजदीक है
दिल के मोहल्ले में सब ठीक है
जरा से किताबो में काम ध्यान है
ज्यादा तेरे ख्यालो में है
तुमसे मिलकर जो मज़ा है
कहाँ वो गणित के सवालों में है
करके गुस्ताखियाँ
मांगे ना माफियाँ
तेरी चाहत ने बदला मेरे
दिल का जोग्राफिया
करके गुस्ताखियाँ मांगे ना माफियाँ
तेरी चाहत ने बदला मेरे
दिल का जोग्राफिया
साइकिल पर लेके जाऊँगा
समोसे गरम खिलाऊँगा
मैं कर वादा शनिवार को
भगवान के भरोसे है
छोड़ के समोसे
भूल जाये सोमवार को
तेरे लिए घर से निकलती हूँ
जब कहता है मिलती हूँ
घरवालों से छिप के तुझे
परवाह नहीं मेरी
जय्दाति है तेरी
क्या समझ रखा है प्यार को
तुझे किस तरहा बताऊँ मैं
कितना ज़रूरी तेरा प्यार है
मेरे अंधियारे से जीवन में
तू ही सफेदी की चमकार है
कर के गुस्ताखियाँ
माँगे ना माफ़ियाँ
तेरी चाहत ने बदला मेरे
दिल का जोग्राफिया
जग को जीनियस लगता हूँ
चेहरा ये सीरियस रखता हूँ
अंदर से दिल फेंक हूँ
माना हूँ छोटे घर का
जेब से हूँ कड़का
लड़का मैं बड़ा ही नेक हूँ
तेरे चेहरे पे सारे मरते है
बाकी लड़के भी वादे करते हैं
लेकिन निभाते नहीं
मौके पे काम आये ,
वादा जो निभाए
एकलौता मैं ही एक हूँ
मत घवराना मोहरत हमारे मिलन निकट है पिया
बस एक गुगली से पापा का
तुझको गिरना विकेट है पिया
करके गुस्ताखियाँ
मांगे ना माफियाँ
तेरी चाहत ने बदला मेरे
दिल का जोग्राफिया
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