Jaise Suraj Ki Garmi Se Lyrics – जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को भजन Original Song
Movie-Parinay(1974),Song by-Sharma Bandhu,Music-Jaidev,Lyrics by R.sharma
Music..................................................
aaa..........aaa.........aaaaaa......aaaaaa...aaaaa...
जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को,
मिल जाए तरुवर की छाया,
सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को,मिल जाए तरुवर की छाया,
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जबसे शरण तेरी आया…मेरे राम ।
सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को,मिल जाए तरुवर की छाया,
भटका हुआ मेरा मन था कोई,मिल न रहा था सहारा,x2
लहरों से लड़ती हुयी नाव को,x2
जैसे मिल ना रहा हो किनारा,
मिल न रहा हो किनारा ।
उस लड़खड़ाती हुई नाव को जो,
किसी ने किनारा दिखाया,
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जबसे शरण तेरी आया…मेरे राम ।
सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को,
मिल जाए तरुवर की छाया…
Music....................................
शीतल बने आग चंदन के जैसी,
राघव कृपा हो जो तेरी,x2
उजियाली पूनम की हो जाए राते,
जो थी अमावस अंधेरी,x2
जो थी अमावस अंधेरी ।
युग युग से प्यासी मरुभूमि ने,
जैसे सावन का संदेस पाया,
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जबसे शरण तेरी आया…मेरे राम ।
सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को,मिल जाए तरुवर की छाया…
Music................................
जिस राह की मंज़िल तेरा मिलन हो,
उस पर कदम मैं बढ़ाऊ,x2
फूलों में खारों में पतझड़ बहारों में,
मैं न कभी डगमगाऊंX2
मैं न कभी डगमगाऊं
पानी के प्यासे को तक़दीर ने,जैसे जी भर के अमृत पिलाया,x2
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जबसे शरण तेरी आया…मेरे राम ।
सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को,
मिल जाए तरुवर की छाया…ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जबसे शरण तेरी आया…मेरे राम ।
सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को,मिल जाए तरुवर की छाया,
Music.......................................
(2use of Courus)

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